अधिक से अधिक प्रयोग किए गए एक वर्गीकृत नाम सूची कीजिए

नस्ल परिचय
अधिक से अधिक प्रयोग किए गए एक वर्गीकृत नाम सूची कीजिए भारत में विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के बीच भिन्न - भिन्न नाम होते हैं। भारत के विभिन्न राज्यों में व्यक्ति की उपस्थिति के साथ - साथ उनके नामों में अंतर होता है। यही वजह है कि जब कभी कोई नया समुदाय बनता है तो उनके पास एक अलग-अलग नाम होता है। अब भी, सभी नामों को एक केंद्रीय नाम सूची के तहत वर्गीकृत करने का विचार हमारे समाज के अधिकारी द्वारा किए जा रहे हैं। इस नाम सूची के वर्गीकरण से हमारे समाज में नामों में समानता लायी जा सकती है।

हिंदू धर्म में उपयोगिता

हिंदू धर्म में नामों का बहुत ख़ास महत्व होता है। हिंदू धर्म में नामों की एक समूह होती है - वर्णाश्रम, जिसमें नाम उस वर्ण के अनुसार रखा जाते हैं, जो उस व्यक्ति की वर्ण व्यवस्था को दर्शाता है। वर्ण व्यवस्था में नाम रखने से समाज में समानता बढ़ती है और लोगों के बीच संबंध बने रहते हैं।

ब्राह्मण नाम

ब्राह्मण वर्ग के नाम विशेष रूप से लोकप्रिय होते हैं। कुछ सबसे विख्यात नामों में से चंदन, उपेन्द्र, जगदीश, मणिष, नंदकिशोर, प्रणव, रोहन शामिल हैं।

क्षत्रिय नाम

क्षत्रियों के नाम महापुरुषों के नामों पर आधारित होते हैं। सौरव, आर्यवीर, विनय, शौर्य, अर्जुन, दीपक, सीताराम जैसे नाम लोकप्रिय होते हैं।

वैश्य नाम

वैश्यों के नाम उत्साहपूर्वक चयन किए जाते हैं और इनमें कामना, लाल, मनीष, मानस, रजनीश, श्रीपति शामिल हैं।

शूद्र नाम

शूद्रों के नाम सामान्य रूप से उन्नति की आशा से चुने जाते हैं। नरेश, संजीव, महेश, धीरज, कल्याण, शशि इस समूह के लोकप्रिय नाम हैं।

मुस्लिम नामों का उपयोगिता

मुस्लिम धर्म में नामों को काफी महत्व दिया जाता है। जिननी दुनिया का नाम "इसमाँ" रखा था उन्होंने उन नामों की कई जातियों में उपयोगिता पैदा करने का संकल्प लेकर उन्हें प्रस्ताव रखा था। कुछ लोकप्रिय नाम शामिल हैं अराफत, शहरुख, सलीम, फ़रहाना, रिहाना, लैला।

सिख धर्म में नामों की उपयोगिता

सिख धर्म में नामों का बहुत ख़ास महत्व होता है। सिख धर्म में दिए गए नाम पूजनीय ही होते हैं, और प्रत्येक नाम एक विशेष अर्थ रखता है। कुछ लोकप्रिय नामों में सुखदीप, मनप्रीत, हरजीत, नरेश प्रेम, रजपल, सत्नाम शामिल हैं।

नामों की वर्गीकृत सूची का लाभ

एक वर्गीकृत नाम सूची संसार के सभी देशों में एकता बनाए रखेगी। बच्चों के नामों को नाम सूची के अनुसार देने से समान नामों की संख्या कम होगी और आपके अलग नाम से लोगों में उत्पन्न होने वाले भ्रम से छुटकारा मिलेगा। एक समूह को एक ही विशेष नाम से जोड़ देने से इसलिए जरूरी है कि हम समाज में एक भाईचारे की भावना को बढ़ावा दें।
  • एक वर्गीकृत नाम सूची का उपयोग, अधिक से अधिक नामों में समानता लाने के लिए किया जा सकता है।
  • इससे नाम सूची बनाने वालों को समाज की व्यापक विवेकशीलता की आवश्यकता कम होगी।
  • इससे बच्चों के खोज और विपरीत चयन के विस्तार को रोका जा सकता है।

नाम सूची बनाने की आवश्यकता

मानव समाज बहुयामी होने के कारण अनुच्छेद 370 के बाद पूर्वोत्तर एवं जम्मू-कश्मीर में एक नई मुख्यमंत्री नई नाम रख सकता है। वर्ष 2017-18 में, मिलिंड व्हाट्स, उन नई मुख्यमंत्री के लिए नाम सूची बनाने का विचारपूर्ण तरीका दिखाएं ताकि नए व्यक्ति को उनकी उपस्थिति से जुड़ा हुआ विशेष नाम मिल सके।

समाप्ति

भारत में हमारी विवेकशीलता एकता के लिए आवश्यक है। नामों को वर्गीकृत करके हम समाज में समानता ला सकते हैं। इसलिए नाम सूची का वर्गीकरण भारत के समाज के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हम सभी एक ही नाम सूची में संगठित हों और हम सभी एक दूसरे के बराबर समझे जाएं।