आपके बच्चों के नाम के पीछे का इतिहास

नस्ल परिचय

शुरुआत

कई लोगों के लिए, उनके बच्चों के नाम उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक होते हैं। सामान्यतः, बच्चों के नामों का चयन गंभीर विचार के साथ किया जाता है क्योंकि नाम हमारी व्यक्तित्व को परिभाषित करते हैं और हमें उनके माध्यम से पहचानने में मदद करते हैं। इस लेख में, हम आपको बताएँगे कि आपके बच्चों के नाम क्यों महत्वपूर्ण होते हैं और उन नामों के पीछे का इतिहास क्या है।

बच्चों के नाम का महत्व

यदि हम इतिहास के पालन करते हैं तो वे समय थे जब आपके नाम की तुलना आपके परिवार के पीछे के इतिहास तथा उनकी संस्कृति से की जाती थी। लगभग सभी देशों में, नाम व्यक्ति की व्यक्तित्व और समाज के स्तर को दर्शाते हैं। बच्चों के नाम को चुनना एक बड़ा जिम्मेदारी होती है और इसको ध्यान में रखते हुए, वे नाम नहीं रखते जो व्यक्ति के समाज में नहीं चलते।

आज के समय में नाम चयन करते समय ऐसे अनेक सांस्कृतिक, धार्मिक तथा मौजूदा समाज के पारंपरिक चरित्र के संबंध में मान्यताएं, अभिवृद्धियों तथा आदतें ध्यान में रखनी पड़ती हैं। इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है कि आपका नाम आपकी व्यक्तिगत और अभिवृद्धि को संकेत करता है।

पारंपरिक नाम धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में बच्चों के नाम धर्म के मूल्यों, सन्देशों तथा पारंपरिक नीतियों के वर्णन में तथा भारत के विभिन्न राज्यों तथा समाजों के संस्कार के विषय में असंख्य समर्थक कार्य करते हैं।

इस्लाम में, चयनित नाम मुस्लिम संस्कृति में व्यापक रूप से उपलब्ध होते हैं। इसमें बच्चों को इस्लामी नवीनताओं के अनुसार नाम दिए जाते हैं, जो उनके व्यक्तिगत विशेषताओं और उनके परिवार के मूल्यों का उल्लेख करते हैं।

संस्कृति और भाषा का महत्व

आपका नाम आपके संस्कृति और भाषा का परिचायक होता है। कुछ भाषाओं में, नाम और उनका अर्थ काफी गहन होते हैं और उन्हें जन्म के समय ही चुन लिया जाता है। ऐसा करने से आप एक व्यक्ति के विशेषताओं को अनुकूलित करते हैं और उन्हें उनकी संस्कृति, भाषा तथा विरासत से जोड़ते हैं।

संस्कृति का महत्व इस संसार के बाहरी हिस्सों में दिखाई नहीं देता है, लेकिन आंतरिक रूप से हमें प्रभावित करता है। नाम चयन करते समय आप अपनी संस्कृति का समझना चाहिए।

आधुनिक बच्चों के नाम

आधुनिक बच्चों के नाम यहाँ तक कि फिल्मों तथा टीवी शोज में दिखाई जाने वाले नाम इस बात का संकेत होते हैं कि हमारी समाज में अतिरिक्त कमी है जो हमें बच्चों के नाम के रूप में संपर्क में नहीं लाती। आधुनिक नामों की तरह, पिछले कुछ दशकों में पुराने नामों में बदलाव आया है, जो समय के साथ बदलती रहती हैं।

बच्चों के नाम के पीछे का इतिहास

अंग्रेज़ी नाम के पीछे का इतिहास

अंग्रेज़ी नामों की शुरुआत मध्य नोर्मैंडी के रूप में कुछ 1066 ई. में उत्तर पश्चिम फ्रांस के निर्देशक विलियम द संजी द्वारा की गई। उसी समय अंग्रेज़ों के पास खुद के नाम नहीं थे। परंतु निर्देशक विलियम के पास स्थानांतरित जनता के लिए प्रोत्साहन नामों की सूची थी।

हर समय के नाम उस समय की सृजनात्मकता तथा नामों पर भारी प्रभाव डालते हैं। प्राचीन रोमनीय नामों, यूनानी नामों तथा बाइबिलिक नामों ने युगों के बाद भी बच्चों के नामों के सिंदूर लगाए हैं।

हिन्दू नाम के पीछे का इतिहास

हिंदू धर्म में, "नामकरण संस्कार" नवजात शिशु के जीवन का एक महत्वपूर्ण घटना होता है। इस संस्कार में, शिशु के नाम के चयन के प्रकार के साथ-साथ नाम देने का समय भी निश्चित किया जाता है।इस संस्कार में, परंपरागत तरीकों से अपने परिवार के मंगल के अनुष्ठान के विषय में निश्चित कर यौवन की प्रारंभिक वर्षों में नवजात शिशु के नाम का चयन किया जाता है। यदि परिणाम जाँच करें तो मिलान विशेषताओं, भावनाओं तथा मूल्यों के आधार पर नाम के चयन में गंभीरता से सोचा जाता है।

समुद्र से जुड़े नाम

संस्कृत में, "जलमंडल" शब्द का उपयोग करके समुद्र से जुड़े नाम दिए गए हैं। डॉल्फिन, जैसे नामों को चुनने में सहायता मिलती है।

चीनी नाम के पीछे का इतिहास

चीन में, सम्मान के लिए नाम चयन एवं व्याकरण के आदर्शों का पालन होता है। नाम चयन करते समय परिवार के स्थान एवं उनकी अवस्था का भी ध्यान रखते हैं। आधुनिक चीनी नामों में, हिरोजुल की संख्या शामिल होने के साथ-साथ प्रतिबिंब या कुछ एक शब्दों के साथ-साथ मिलाए जाते हैं।

संक्षिप्त में

आपके बच्चों के नाम उनकी पहचान होते हैं। नाम के पीछे का इतिहास उद्भव कर रहा है और उन नामों में संस्कृति, धर्म, भाषा, सांस्कृतिक, और नहीं सिर्फ सामान्य अर्थ मिलता