अपने वंश की तलाश कैसे करें

नस्ल परिचय

अपने नाम के पीछे जैसे सुरक्षा छाप रहती है वैसे ही हर किसी के नाम में उसके वंश का इतिहास छिपा होता है। कोई अपने वंश के लिए बचपन से ही जानवरों की तरह खोज में रहता है तो कुछ लोग इस बात का पता नहीं होता कि उनका वंश इतिहास क्या है। अगर आप अपने वंश की तलाश करना चाहते हैं तो निम्न टिप्स आपकी मदद करेंगे।

परिवार से जानकारी लें:

सबसे पहले अपने घर पर अपने परिवार से जानकारी लें। परिवार के बड़े व्यक्ति से जानें कि वे अपने पुरे जीवन में क्यां काम करते रहे थे, कहां रहते थे और उनके पुरखों के बारे में क्या जाना जाता है। इस तरह के सवालों से उनसे जानकारी लें। अगर आपके परिवार में कोई बड़े बूझे का नहीं है तो अपने चाचा, मौसे या भाई की सहायता लें। उन्हें इस बारे में पूछें कि कहां रहते हैं उनके पुरख, उनके संरचना, कौन हैं और इस उनके पुरखों की कहानियों के बारे में। इस तरह की जानकारी से आप अपने वंश का नीचे से तक इतिहास जान सकते हैं।

अंधेरों में घुसे:

अक्सर कुछ लोग अपने वंश के लिए नेतृत्व कर रहे होते हैं इसलिए उनकी जानकारी आपको नहीं मिलती है। इसलिए यदि आपको अपने वंश की जानकारी नहीं मिल रही है, तो बाहर की दुनिया में घुस जाएं। जानें की आप अपने वंश के संपर्क में कौन है जिनसे आप जानकारी ले सकते हैं। इसके लिए आप समाज और मंदिरों में जाकर लोगों से बात कर सकते हैं। कई मंदिरों में पंडित अपने ज्ञान से आपकी मदद कर सकते हैं। तो बाहर की दुनिया में जाकर अपने वंश की खोज शुरू करें।

इतिहास पुस्तकें और दस्तावेजों की खोज:

अपने वंश की खोज करने का सबसे आसान तरीका यह है कि आप इतिहास पुस्तकों और आधिकारिक दस्तावेजों का पता लगाएं। इसके लिए आप स्थानीय नागरिक केंद्रों और आधार कार्ड सेवा केंद्रों के बारे में जानकारी ले सकते हैं। आप इतिहास पुस्तक मार्केट से पुस्तकें खरीद सकते हैं या फिर आप इंटरनेट पर इतिहास संबंधी वेबसाइटों से भी जानकारी का संग्रह कर सकते हैं। आधिकारिक दस्तावेजों का पता लगाने के लिए जिस राजस्व विभाग के तहत आपके परिवार का नाम होता है, उस संबंधित विभाग के ऑफिस में जाकर जानकारी लें। आप जान सकते हैं कि कौन सा विभाग आपके मंगला वारत बचत योजना रजिस्टर में पंजीकृत है वहां जाकर आप अपने वंश की जानकारी ले सकते हैं।

वेबसाइट द्वारा खोज करें:

आजकल लोग इंटरनेट पर हर तरह की जानकारी खोजते हैं तो इस बात को ध्यान में रखते हुए आप इंटरनेट पर अधिक से अधिक वेबसाइटों पर जाकर इतिहास से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं। आप इतिहास के बारे में जानने की इच्छा रखते हैं तो जैसे-वैसे वेबसाइट लाभदायक होंगे।

पुस्तकालय द्वारा खोजना:

यदि आपके पास समय है तो आप पुस्तकालय में जाकर इतिहास हेतु कुछ पुस्तकों को पढ़ सकते हैं। पुस्तकालय आपको बड़ी संख्या में इतिहास से जुड़ी पुस्तकें उपलब्ध करवाता है जिनसे आप अपने वंश के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

संलग्न पारिवारिक सदस्यों से संपर्क करें:

अपने समुदाय में अन्य प्रवीण मेंबर्स के संपर्क में रहे हमेशा रेफरेंस के लिए उपलब्ध होते हैं। अपने पारिवार के किसी साधारण सदस्य को पूछो कि वह इतिहास के मित्रों या संलग्‍न व्यक्तियों से जुड़ा हुआ है जो आपको कुछ जीवन के संबंध में नए पता बता सकते हैं। कभी-कभी कुछ हरियाणा मे ये कबिले को धीमी आंखों के साथ एक दास्तान में स्थान दिया जाता है, अब तो ये दास्तान भी रिकॉर्डिंग बन गई हैं।

उन लोगों से जानें जो आपके लोकल इतिहास के ज्ञाते हों:

लोकल इतिहास के ज्ञाता लोग आपकी जानकारी के स्रोत हो सकते हैं। आप स्थानीय न्यूज़पेपर और लोकल मंडल से इस संबंध में जानकारी ले सकते हैं। आप लोकल उत्पादकों के साथ भी व्यवहार कर सकते हैं। आप अपने एक्सप्लोरेशन के दौरान, स्थानीय इतिहास संग्रहालय में या इस प्रकार के कोर्स में भी हिस्सा ले सकते हैं जिन्हें लोकल इतिहास के लिए समर्पित किया जाता है।

अधिक उपलब्ध माता-पिता को खोजते हुए:

पारिवारिक खोज टेक्नोलॉजीमें तेजी से बदलने वाली तकनीकों के साथ, आप अधिक अनुकरण और कोशिश कर सकते हैं। कई वेबसाइट तक पहुँच मिलता है जो भारत में पारिवारिक खोजों के बारे में स्थानिक जानकारी मदद करती हैं। अधिक संख्या में आचार संबंधों के बारे में जानकारी मिलती है, जो अनुभव में रहना अपनी कुछ समय लगता है। जब तक आप पहुँचकर वास्‍तविक व्यक्तियों से मिलते हैं, उन्हें यह तय करने की आवश्यकता होती है कि आप अपने स्वयं के इतिहास और संबंधों के बारे में अच्छे से जानते हैं।

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